दस साल शादी के हो गए
प्यार जो था वो दे तो दिया
कुल जमा दो बच्चे भी हो गए
अभी एक साल से ऐसा हो रहा है
पैसा आ नही रहा
खर्चा खूब हो रहा है
पैसे आने की सम्भावना तो है
पर भाई
वर्तमान ख़राब है
भविष्य में पूरे होते दीखते ख़ाब है
पर इस बीवी का क्या करु
जिसका धैर्य दे गया जवाब है
वो मेरी जिन्दगी से जा रही है
पर असल में वो तो
बच्चओं को परे ताक़ पर रख कर जा रही है
मेरे तो दस साल जाया हो गए
कम से कम एक बच्चे के भी दस साल खराब हो गए
एक ऐसा शख्स जिसने एक परिवार के
बीस साल खराब किए हो
उसे क्या सज़ा मुकरर हो
इसका फ़ैसला अब दुनिया के ऊपर है
आपके ऊपर है
20.9.08
12.7.08
namaste
नमस्ते एक कला है
किसी को फला है
किसी को नही फला है
नमस्ते किसी को भी कर सकते
नमस्ते किसी का भी ले सकते हो
नमस्ते -नमस्ते करते करते कोई भी काम करा सकते हो
नमस्ते नमस्ते लेते लेते किसी का भी काम कर सकते हो
हाथ जोड़ने में और नमस्ते करने में
काफी अन्तर होता है
हाथ जोड़ना अपने स्वाभिमान को छोटा करना होता है
अस्तु
नमस्ते करना ,अपने स्वाभिमान को दर्शाना होता है
हमेशा नमस्ते करना
ऊपर वाले के सामने हाथ जोड़ना
जब अन्तिम समय आए
नमस्ते करना
धन्यवाद देना दुनिया को
नमस्ते कर विदा लेना
नमस्ते नमस्ते नमस्ते
किसी को फला है
किसी को नही फला है
नमस्ते किसी को भी कर सकते
नमस्ते किसी का भी ले सकते हो
नमस्ते -नमस्ते करते करते कोई भी काम करा सकते हो
नमस्ते नमस्ते लेते लेते किसी का भी काम कर सकते हो
हाथ जोड़ने में और नमस्ते करने में
काफी अन्तर होता है
हाथ जोड़ना अपने स्वाभिमान को छोटा करना होता है
अस्तु
नमस्ते करना ,अपने स्वाभिमान को दर्शाना होता है
हमेशा नमस्ते करना
ऊपर वाले के सामने हाथ जोड़ना
जब अन्तिम समय आए
नमस्ते करना
धन्यवाद देना दुनिया को
नमस्ते कर विदा लेना
नमस्ते नमस्ते नमस्ते
21.1.08
कुछ खोया कुछ पाया
जिन्दगी में कुछ खोया कुछ पाया
सोचता हूँ कभी कभी क्या ज्यादा खोया
या फिर ज्यादा पाया
असल में पाया वही जाता है
जो खो जाता है
तो बात इतनी सी है
इन्सान जो खोता है
वही पाता है
क्या आप बता सकते हैं ऐसा कोई इन्सान
जिसने जिन्दगी में केवल पाया हो
खोया कुछ भी नही हो
शायद नही
दुनिया में कोई आज तक पैदा नही हुआ
जिसने कुछ खोया नही हो
तो फिर क्यों डरते हो ,क्यों परेशां होते हो
जब तुम्हारा कुछ खो जाता है
कुछ खो जाता है
कुछ पाने के लिए
खो दो अपना जीवन ,खो दो अपनी आत्मा
परमात्मा को पाने के लिए
सोचता हूँ कभी कभी क्या ज्यादा खोया
या फिर ज्यादा पाया
असल में पाया वही जाता है
जो खो जाता है
तो बात इतनी सी है
इन्सान जो खोता है
वही पाता है
क्या आप बता सकते हैं ऐसा कोई इन्सान
जिसने जिन्दगी में केवल पाया हो
खोया कुछ भी नही हो
शायद नही
दुनिया में कोई आज तक पैदा नही हुआ
जिसने कुछ खोया नही हो
तो फिर क्यों डरते हो ,क्यों परेशां होते हो
जब तुम्हारा कुछ खो जाता है
कुछ खो जाता है
कुछ पाने के लिए
खो दो अपना जीवन ,खो दो अपनी आत्मा
परमात्मा को पाने के लिए
27.6.07
Hindustan ke log mahan
हिंदुस्तान के लोग महान
महान लोगो का यह देश
देश हमारा हिंदुस्तान
हर ५ साल बाद या फिर पहले
निवासी यंहा के मारते उँची तान
हर वक्त यंहा चुनाव होते
गली गली मे नेता होते
बखारते अपनी अपनी शान
हिंदुस्तान के लोग महान
वेदेशी मूल का हो
या फिर देसी बकरा हो
मारोरना है उसको
जनता के कान
हिंदुस्तान के लोग महान
इस देश कि है विडम्बना
प्रधान मंत्री नही है आज अपना
वो तो है एक अपमान
हिंदुस्तान के लोग महान
फिर इतिहास द्होरा रहा है
आज अपने देश मे रास्त्रपति चुना जा रहा है
हो रास्त्रपति इस देश का
नही हो एक औरत विसेश का
बरकरार रहे इस देश कि शान
मेरा हिंदुस्तान
देश के लोग महान
महान लोगो का यह देश
देश हमारा हिंदुस्तान
हर ५ साल बाद या फिर पहले
निवासी यंहा के मारते उँची तान
हर वक्त यंहा चुनाव होते
गली गली मे नेता होते
बखारते अपनी अपनी शान
हिंदुस्तान के लोग महान
वेदेशी मूल का हो
या फिर देसी बकरा हो
मारोरना है उसको
जनता के कान
हिंदुस्तान के लोग महान
इस देश कि है विडम्बना
प्रधान मंत्री नही है आज अपना
वो तो है एक अपमान
हिंदुस्तान के लोग महान
फिर इतिहास द्होरा रहा है
आज अपने देश मे रास्त्रपति चुना जा रहा है
हो रास्त्रपति इस देश का
नही हो एक औरत विसेश का
बरकरार रहे इस देश कि शान
मेरा हिंदुस्तान
देश के लोग महान
16.6.07
DUVIDHA
दिन बीता साल हुआ
फिर भी लगता है
समय वंही का वंही अटका हुआ
समय हर काम का होता है
हर समय काम ही होता है
वो नही होता -जो सोचा होता है
जो सोचा होता है
क्या वो काम नही होता
नही उस काम का समय नही होता
समय जालिम होता है
भागता रहता है
बेचारा इन्सान पीछे चलता रहता है
समय आगे निकल जाता है
इन्सान पीछे रह जाता है
पर
जाते जाते समय ये बोध करा के जाता है
समय के साथ चलो
समय तुम्महारा भी आएगा
फिर भी लगता है
समय वंही का वंही अटका हुआ
समय हर काम का होता है
हर समय काम ही होता है
वो नही होता -जो सोचा होता है
जो सोचा होता है
क्या वो काम नही होता
नही उस काम का समय नही होता
समय जालिम होता है
भागता रहता है
बेचारा इन्सान पीछे चलता रहता है
समय आगे निकल जाता है
इन्सान पीछे रह जाता है
पर
जाते जाते समय ये बोध करा के जाता है
समय के साथ चलो
समय तुम्महारा भी आएगा
14.6.07
कुछ कहने दो
आज फिर दिल कुछ कह रहा है
फिर से वक़्त के सितम सह रहा है
जिन्दगी हो गई बेजार
फिर भी हर पल जीं रहा है
पाबन्द न हो पाया वक़्त के साथ
फिर भी हर पल इम्तहान ले रहा है
प्यार से जीना चाहा था
फिर भी गम के घूँट पी रहा है
हासिल हुआ नही अब तक कुछ भी
फिर भी हर पल ,पल -पल कुछ ना कुछ खो रहा है
जुनून है,हौसला है,मस्ती है,खुमारी है,बेकरारी है
फिर भी न जाने क्यों ये मन भटक रहा है -----------------------------------
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